6.28.2011

कहीं कहीं तो धूप है काही काही है साये
ज़रा तुम हो मेरे ज़रा ज़रा पराए
तुम्हें कैसे मैं बताऊँ क्या में प गेय हूँ तुम जो मेरे पास हो

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